मानसून देगा फिर दस्तक, एमपी के इन जिलों में होगी भारी बारिश, कब तक रहेगी यह स्थिति, जानिए

मानसून

मप्र में एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो रहा है। राज्य के किन जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जानिए। इस साल मध्य प्रदेश में मानसून ने औसत से अधिक बारिश की है, लेकिन अब मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है।

सक्रिय मानसून से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इस समय खरीफ फसलों की कटाई जोरों पर चल रही है। मौसम विभाग ने कल से सक्रिय मानसून को लेकर राज्य के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।

कब तक रहेगी यह स्थिति, जानिए

यह सिस्टम राज्य में बारिश के लिए बनाया गया था
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों में बारिश का आखिरी दौर शुरू होने की संभावना है, जिसमें पूर्वी बादल भी शामिल होंगे। इसके साथ ही सर्दी का अहसास होगा, जो स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने का भी संकेत है। मध्य प्रदेश का पश्चिमी भाग खुला रहेगा।

शाम को बादल छाए रहेंगे, जबकि पूर्वी हिस्से में बारिश की संभावना है। चाहे भारी बारिश की चेतावनी हो, मौसम शुष्क रहने की संभावना है। यहां चक्रवात खत्म होने के बाद भी पूर्वी राज्यों में इसका असर बना हुआ है। यहां बादल ध्रुवीकृत और गोलाकार होते जा रहे हैं, जिससे इन राज्यों में भारी और भारी वर्षा हो सकती है। लद्दाख में हल्की बर्फबारी की संभावना है।

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दक्षिणी राज्यों में बादल छाए रहेंगे

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय एक ट्रफ रेखा बंगाल की खाड़ी से कर्नाटक तक फैली हुई है। इससे इंदौर, झाबुआ और अलीराजपुर इलाकों में अगले दो दिन बादल छाए रहेंगे। फिलहाल थाईलैंड के ऊपर से एक चक्रवाती तूफान 2 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा और 5 अक्टूबर तक मध्य भारत में पहुंच जाएगा। इसके प्रभाव से 3 अक्टूबर को राज्य के पूर्वी हिस्से और राज्य के सभी हिस्सों में गरज के साथ बारिश होगी। 4 अक्टूबर क्या भारी बारिश की चेतावनी की संभावना है।

मप्र के किन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मप्र के सिंगरौली, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार आदि जिलों में आंधी के साथ साथ भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों तक धार, विदिशा, झाबुआ, अलीराजपुर और बालाघाट में भी हल्की बारिश की संभावना है।

1 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी हिस्से में एक चक्रवात बना। इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट हो सकता है। उज्जैन और इंदौर में अगले दो दिन बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना है। 3 अक्टूबर को बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकौशल के इलाकों में बारिश हो सकती है।

उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, सागर, पन्ना, निवाड़ी और दमोह में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कर सकते हैं। मौसम व्यवस्था के प्रभाव के चलते 3-4 अक्टूबर को शहदेल, रीवा, जबलपुर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है।

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मानसून के रवाना होने से पहले मध्य प्रदेश के मौसम में अक्टूबर में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक 3 अक्टूबर के बाद मौसम फिर बदलेगा और बारिश होगी। यह बारिश का आखिरी चरण है, जिसके बाद मानसून विदा होना शुरू हो जाएगा।

नई प्रणाली के सक्रिय होने (चाहे भारी बारिश की चेतावनी) 5 अक्टूबर तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एमपी मौसम विभाग ने 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक राज्य के जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक मानसून मध्य प्रदेश से लगभग निकल ही जाएगा।

एमपी के कई जिलों में हुई औसत से ज्यादा बारिश
बता दें कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में कई इलाकों में 40 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है (चाहे भारी बारिश का अलर्ट हो). मध्य प्रदेश में 1 जून से अब तक की कुल 48 इंच बारिश हो चुकी है. राज्य के 32 जिलों में 40 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

सामान्य 38 इंच से 23% अधिक बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश नर्मदापुरम में 71.48 इंच, भोपाल में 70 और राजगढ़ में 69 इंच दर्ज की गई. अगले दो से तीन दिनों में मानसून के ग्वालियर के चंबल संभाग से प्रस्थान करने की संभावना है।

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इन राज्यों में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया

मौसम विभाग ने आज बिहार, झारखंड ओडिशा समेत 17 राज्यों में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है. आईएमडी के अनुसार, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से, जबकि दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक हैं। संतुलित। यह बारिश हो सकती है। इनमें से कुछ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इस वजह से नहीं जा रहा है मानसून

मानसून आमतौर पर हर साल 30 सितंबर तक विदा हो जाता है, लेकिन सुपर साइक्लोन ‘नोरू’ के कारण बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी में देरी होना तय है। मानसून में देरी के कारण यह सक्रिय रहेगा। इस दौरान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में 5 अक्टूबर से अच्छी बारिश होने की संभावना है।

मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश होगी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर उत्तर-पूर्व दिशा में बने चक्रवाती परिसंचरण के मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे गंगा के मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश होगी। महापात्र ने कहा कि मानसून की वापसी 20 सितंबर से शुरू हो जाती है (चाहे भारी बारिश की चेतावनी हो), लेकिन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पर बना हुआ मौसम तंत्र इस बार 13 अक्टूबर तक रुकेगा।

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